सांसद के आरोपों पर Sbsp नेता डॉ अरविन्द राजभर जवाब- मऊ रेलवे स्टेशन पर रियलिटी चेक

मऊ, मऊ के रेलवे स्टेशन को लेकर संसद में घोसी से सांसद राजीव राय द्वारा लगाए गए आरोपों का sbsp नेता डॉ अरविंद राजभर ने रियलिटी चेक किया।
क्या थे सांसद राजीव राय के आरोप?
मऊ रेलवे स्टेशन पर पानी की व्यवस्था खराब है।
स्वच्छता अभियान के बावजूद सफाई व्यवस्था संतोषजनक नहीं है।
छत की मेंटेनेंस और अन्य बुनियादी सुविधाएं बेहतर नहीं हैं।
पार्किंग व्यवस्था में अव्यवस्था है।
अरविंद राजभर का रियलिटी चेक:
1. पानी की व्यवस्था:
डॉ अरविन्द राजभर ने कहा कि उन्होंने खुद पानी की गुणवत्ता जांची और उसे पिया।
पानी की आवक गति को भी परखा, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि ट्रेन के रुकने के दौरान यात्री अपनी बोतलें भर सकें।
2. सफाई व्यवस्था:
उन्होंने स्टेशन पर स्वच्छ भारत मिशन के तहत की गई सफाई को सराहा और कहा कि सफाई की स्थिति काफी बेहतर है।
3. छत और संरचना:
मंत्री ने स्टेशन की छत की रखरखाव व्यवस्था को सराहा और कहा कि इस रूट पर यह स्टेशन मेंटेनेंस के मामले में बेहतर है।
4. पार्किंग व्यवस्था:
उन्होंने बताया कि यहां गाड़ियों और दोपहिया वाहनों की पार्किंग व्यवस्था सुचारू रूप से संचालित है, जिससे यात्रियों को असुविधा नहीं होती।
5. अन्य सुविधाएं:
यात्रियों की सुविधाओं का ध्यान रखते हुए मेंटेनेंस का कार्य लगातार जारी है।
मंत्री ओमप्रकाश राजभर के बेटे और एसबीएसपी राष्ट्रीय प्रमुख महासचिव पूर्व मंत्री डॉ अरविंद राजभर ने मऊ रेलवे स्टेशन पर समाजवादी पार्टी के सांसद राजीव राय द्वारा लगाए गए आरोपों को निराधार बताया। उनका कहना है कि स्टेशन पर सफाई, पानी और पार्किंग जैसी मूलभूत सुविधाएं बेहतर हैं और स्टेशन का रखरखाव भी नियमित रूप से किया जा रहा है।
यह रियलिटी चेक सांसद के दावों पर सवाल खड़ा करता है और प्रशासन के कामकाज को बेहतर दर्शाता है।
