जिन युवाओं को मोदी ने लाल क़िले से धमकाया, वही उनकी तानाशाही का अंत करेंगे- शाहनवाज़ आलम

साप्ताहिक स्पीक अप कार्यक्रम की 260 वीं कड़ी में बोले कांग्रेस नेता
नयी दिल्ली, 16 अगस्त 2026. लाल क़िले से पीएम मोदी ने आरएसएस और भाजपा से असहमत लोगों को दिमाग़ी तौर पर नक्सली कह कर देश के बहुसंख्यक हिस्से के ख़िलाफ़ हिंसा की घोषणा कर दी है. इसके निशाने पर सबसे ज़्यादा युवा पीढ़ी होगी. ऐसा पहली बार हुआ है कि देश का प्रधानमंत्री युवाओं के ख़िलाफ़ हिंसा की धमकी दे रहा है. लेकिन युवा पीढ़ी इस धमकी से डरने वाली नहीं है.
ये बातें कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव शाहनवाज़ आलम ने साप्ताहिक स्पीक अप कार्यक्रम की 260 वीं कड़ी में कहीं.
शाहनवाज़ आलम ने कहा कि जेन ज़ी आंदोलन के बाद मोदी सरकार को लग गया है कि युवाओं ने सरकारी मशीनरी और आरएसएस के गुंडों से डरना छोड़ दिया है. उसे यह भी पता है कि 2029 के लोकसभा चुनाव तक 36 करोड़ जेन ज़ी युवा वोटर बनने वाले हैं जो सीधे तौर पर आरएसएस की विचारधारा के विरोधी हैं. इसीलिए सत्ता पर अपनी पकड़ बनाए रखने के लिए मोदी सरकार युवाओं के ख़िलाफ़ हिंसा करने के लिए आरएसएस के गुंडों को निर्देश दे रही है.
उन्होंने कहा कि पीएम मोदी की धमकी के निशाने पर देश भर में चल रहे कॉर्पोरेट विरोधी आंदोलनों और उनके समर्थन में खड़े लेखक, पत्रकार, एक्टिविस्ट भी होंगे. जिन्हें पुलिस के साथ मिलकर बिना वर्दी और बिना नेमप्लेट वाले आरएसएस, बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद के गुंडे निशाना बनायेंगे.
कांग्रेस नेता ने कहा कि मोदी सरकार को 36 प्रतिशत वोट मिले थे. उसमें भी प्रशासनिक धांधली का बड़ा योगदान था. इसलिए आरएसएस और भाजपा का अपना वोट बैंक 10 प्रतिशत से ज़्यादा नहीं है. इसलिए आरएसएस अगर यह सोचती है कि 10 प्रतिशत वोट बैंक के आधार पर वो देश की 90 प्रतिशत जनता के ख़िलाफ़ युद्ध लड़ लेगी तो यह उसकी भूल है.



