निजी भूमि पर अवैध कब्जे और फर्जी एससी/एसटी मुकदमे की आशंका --------------------

जिलाधिकारी से निष्पक्ष जांच की मांग

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चिरैयाकोट (मऊ) :-

थाना चिरैयाकोट क्षेत्र के ग्राम अल्देमऊ निवासी बृजेश सिंह एवं चंडी प्रताप सिंह ने जिलाधिकारी मऊ को प्रार्थना पत्र देकर उनकी निजी भूमि पर अवैध कब्जे के प्रयास तथा झूठा एससी/एसटी एक्ट का मुकदमा दर्ज कराने की साजिश का आरोप लगाया है। शिकायतकर्ता द्वारा बताया गया कि 24 जून 2026 को श्रीपति राम द्वारा प्रधान, स्थानीय प्रशासन तथा कुछ ग्रामीणों के सहयोग से उनकी निजी भूमि पर कब्जा कर दीवार खड़ी करने का प्रयास किया गया। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि विरोध करने पर उनके खिलाफ षड्यंत्र रचकर मारपीट का झूठा आरोप लगाते हुए एससी/एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कराने का प्रयास किया गया। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि जिस दिन घटना बताई जा रही है, उसी दिन उनके नव-निर्मित मकान में गृह प्रवेश एवं पूजा का कार्यक्रम आयोजित था, जिसमें परिवार और अन्य लोग मौजूद थे। उन्होंने दावा किया कि कार्यक्रम से संबंधित वीडियो, फोटो तथा अन्य साक्ष्य उनके पास उपलब्ध हैं, जो यह साबित करते हैं कि वे कथित घटना में शामिल नहीं थे। प्रार्थना पत्र के साथ शिकायतकर्ताओं ने खतौनी, स्टे ऑर्डर की प्रति, गृह प्रवेश से संबंधित कार्ड तथा कार्यक्रम के फोटो एवं वीडियो भी साक्ष्य के रूप में संलग्न किए हैं।

शिकायतकर्ताओं ने जिलाधिकारी से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर अवैध कब्जे के प्रयास और कथित झूठे मुकदमे की साजिश की जांच कराने तथा न्याय दिलाने की मांग की है। उक्त विषय का ज्ञापन पुलिस अधीक्षक मऊ को भी दिया गया और सबसे बड़ी बात फर्जी मनगढंत मारपीट या झगड़ा होना किसी भी तरह की हिंसा का श्रीपत राम के मोहल्ले पास पड़ोस के लोगों ने भी ऐसी किसी घटना की अनभिज्ञता बताई फिर श्रीपत राम वगैरह का मेडिकल किस CHC ने किस तरह कर दिया जिसकी प्रति सलग्न कर झूठी कहानी बनाई गई CHC के चिकित्सक किसके इशारे पर फर्जी चोट का सर्टिफिकेट देने का गोरखधंधा कर रहे हैं? बड़ा प्रश्न है?! शासन और प्रशासन के लिए विचारणीय प्रश्न है?!



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