“तमिलनाडु में सरकारी पॉलिटेक्निक छात्रों को 93% प्लेसमेंट, यूपी में अब भी रोजगार के लिए संघर्ष!”

तमिलनाडु के सरकारी पॉलिटेक्निक कॉलेजों में इस साल रिकॉर्ड प्लेसमेंट ने पूरे देश का ध्यान खींचा है। रिपोर्ट के मुताबिक 2025-26 सत्र में वहां 93% से अधिक डिप्लोमा छात्रों को नौकरी मिली। राज्य सरकार ने इंडस्ट्री आधारित ट्रेनिंग, आधुनिक लैब और नई टेक्नोलॉजी कोर्स शुरू कर छात्रों को सीधे रोजगार से जोड़ने पर जोर दिया।
अब सवाल उत्तर प्रदेश को लेकर उठ रहा है। देश के सबसे बड़े राज्य यूपी में हजारों छात्र हर साल पॉलिटेक्निक से डिप्लोमा करते हैं, लेकिन प्लेसमेंट के मामले में तमिलनाडु जैसी तस्वीर अभी दिखाई नहीं देती। जहां तमिलनाडु में कंपनियां खुद सरकारी कॉलेजों में कैंपस प्लेसमेंट के लिए पहुंच रही हैं, वहीं यूपी के कई सरकारी पॉलिटेक्निक संस्थानों में छात्रों को नौकरी के लिए निजी स्तर पर संघर्ष करना पड़ता है।
तमिलनाडु सरकार ने उद्योगों के साथ सीधे समझौते कर कॉलेजों में Industry 4.0 आधारित ट्रेनिंग, स्किल डेवलपमेंट और आधुनिक सेंटर ऑफ एक्सीलेंस तैयार किए हैं। 44 सरकारी पॉलिटेक्निक कॉलेजों को हाईटेक बनाने का काम भी तेजी से चल रहा है।
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि अगर उत्तर प्रदेश में भी सरकारी पॉलिटेक्निक संस्थानों को उद्योगों से सीधे जोड़ा जाए, आधुनिक लैब और रोजगार आधारित कोर्स शुरू किए जाएं, तो यहां के लाखों युवाओं को बड़ा फायदा मिल सकता है।
फिलहाल तमिलनाडु का मॉडल देश के दूसरे राज्यों, खासकर यूपी के लिए एक उदाहरण बनता दिखाई दे रहा है।



