अमेरिका में अडानी समूह के बड़े निवेश प्रस्ताव की चर्चा तेज, कानूनी विवाद के बीच नई रिपोर्ट

भारत के उद्योगपति Gautam Adani और Adani Group एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय चर्चा के केंद्र में हैं। अमेरिकी मीडिया और अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसी [Reuters](https://www.reuters.com?utm_source=chatgpt.com) की रिपोर्ट के बाद यह दावा किया जा रहा है कि अडानी समूह ने अमेरिका में लगभग 10 अरब डॉलर यानी करीब 83 हजार करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव दिया है। यह निवेश अमेरिकी ऊर्जा, इंफ्रास्ट्रक्चर और सप्लाई चेन से जुड़ी परियोजनाओं में किया जा सकता है।


रिपोर्ट के मुताबिक, यह प्रस्ताव उस समय सामने आया जब अडानी समूह से जुड़े मामलों की अमेरिकी एजेंसियों द्वारा समीक्षा की जा रही थी। सूत्रों के हवाले से कहा गया कि अडानी समूह की ओर से अमेरिका में बड़े पैमाने पर निवेश और रोजगार सृजन की संभावनाओं पर चर्चा हुई। बताया जा रहा है कि इस निवेश से अमेरिका में करीब 15 हजार नई नौकरियां पैदा हो सकती हैं।

हालांकि, अमेरिकी न्याय विभाग या अडानी समूह की तरफ से इस पूरे मामले पर कोई विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। लेकिन अंतरराष्ट्रीय कारोबारी हलकों में इसे एक बड़े रणनीतिक कदम के तौर पर देखा जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह निवेश आगे बढ़ता है तो इससे अडानी समूह की वैश्विक कारोबारी स्थिति मजबूत हो सकती है।
इधर, भारत में भी इस खबर के राजनीतिक और आर्थिक मायने निकाले जा रहे हैं। विपक्ष लंबे समय से अडानी समूह को लेकर केंद्र सरकार पर सवाल उठाता रहा है, जबकि भाजपा और सरकार की ओर से लगातार कहा जाता रहा है कि भारत के उद्योगपतियों को राजनीतिक नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए। अब अमेरिका में निवेश की खबर आने के बाद राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।

बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि अमेरिकी निवेश की खबर से वैश्विक निवेशकों का भरोसा बढ़ सकता है। ऊर्जा और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में अडानी समूह पहले से ही तेजी से विस्तार कर रहा है और अमेरिका में निवेश की योजना समूह को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिला सकती है। फिलहाल दुनिया की नजर इस बात पर टिकी है कि अमेरिका और अडानी समूह की ओर से आने वाले दिनों में क्या आधिकारिक घोषणा की जाती है।

स्रोत: [Reuters Report](https://www.reuters.com?utm_source=chatgpt.com)



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