बेन-धरौली मार्ग की बदहाली पर फूटा किसानों का गुस्सा, जल्द मरम्मत न हुई तो होगा घेराव

चंदौली जिले के परमंदापुर गांव में आयोजित किसान गोष्ठी में किसान विकास मंच के कार्यकर्ताओं ने बेन-धरौली सड़क की जर्जर हालत पर कड़ा आक्रोश जताया। वक्ताओं ने कहा कि वर्षों से बदहाल सड़क पर सफर करने को मजबूर लोग अब और इंतजार नहीं करेंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही सड़क को गड्ढामुक्त नहीं किया गया, तो आंदोलन तेज किया जाएगा।
चंदौली- किसान विकास मंच के तत्वावधान में परमंदापुर गांव में आयोजित किसान गोष्ठी में क्षेत्र की प्रमुख समस्या—बेन-धरौली सड़क की दुर्दशा—मुख्य मुद्दा रही। गोष्ठी में उपस्थित कार्यकर्ताओं और किसानों ने सड़क की खस्ताहाल स्थिति पर गहरा खेद व्यक्त करते हुए प्रशासन और संबंधित विभागों की कार्यशैली पर सवाल उठाए।
मंच के अध्यक्ष राधेश्याम पांडेय ने कहा कि सड़क चौड़ीकरण की प्रक्रिया में बिजली के खंभों को हटाना आवश्यक है, जिससे कार्य में देरी हो रही है। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जब तक चौड़ीकरण का कार्य पूरा नहीं होता, तब तक यात्रियों की सुविधा के लिए तत्काल मरम्मत बेहद जरूरी है।
संगठन सलाहकार चंद्रसुधीर सिंह ने बताया कि बीते चार वर्षों से लोग गड्ढों से भरी सड़क पर यात्रा करने को मजबूर हैं। विभागीय अधिकारियों के अनुसार सड़क चौड़ीकरण में अभी एक वर्ष का समय लग सकता है, ऐसे में तत्काल गड्ढों को भरवाने की मांग की गई है। उन्होंने यह भी बताया कि इस संबंध में मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई जा चुकी है।
वक्ता गोकुल पांडेय ने सरकार के चुनावी वादों का हवाला देते हुए कहा कि गड्ढामुक्त सड़क का वादा अब तक अधूरा है। वहीं संगठन मंत्री राम अवध सिंह ने तीखा प्रहार करते हुए कहा कि इस सड़क से कई बड़े अधिकारी गुजर चुके हैं, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है। उन्होंने कहा कि अब यह प्रदर्शन “अंधों की आंख खोलने” के लिए है और गड्ढायुक्त सड़क अब किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
कार्यकर्ताओं ने एक स्वर में नारे लगाए—
“सड़क करो अब गड्ढा मुक्त, नहीं सहेंगे गड्ढा युक्त”
गोष्ठी के अंत में चेतावनी दी गई कि यदि सार्वजनिक निर्माण विभाग द्वारा शीघ्र सड़क को दुरुस्त नहीं किया गया, तो किसान विकास मंच जिलाधिकारी का घेराव करेगा और मामले की शिकायत सार्वजनिक निर्माण मंत्रालय एवं मुख्यमंत्री से की जाएगी।
इस मौके पर रवीन्द्र नाथ सिंह, गोकुल पांडेय, बिष्णु पांडेय, राम अवध सिंह, सुरेश मौर्य, उपेंद्र सिंह, ओमप्रकाश सिंह, सुजीत कुमार, अमरेश पांडेय, कृष्णानंद पांडेय सहित कई लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता भोलानाथ सिंह ने की, जबकि संचालन राम अवध सिंह ने किया।



