फ़ारूक़ अब्दुल्ला पर हमला करने वाले के आरएसएस से संबंधों की जाँच करे सरकार- शाहनवाज़ आलम

विपक्षी नेताओं की सुरक्षा की नियमित समीक्षा करे सरकार

नयी दिल्ली, 12 मार्च 2026. कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव शाहनवाज़ आलम ने जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और इंडिया गठबंधन के वरिष्ठ नेता फारूक अब्दुल्ला पर हुए असफल जानलेवा हमले को राजनीतिक उद्देश्य से किया गया हमला बताया है. उन्होंने हमलावर के आरएसएस से संबंधों की जांच कराने की मांग की है.

शाहनवाज़ आलम ने जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि ज़ेड प्लस सुरक्षा प्राप्त इंडिया गठबंधन के वरिष्ठ नेता पर हमला करने वाला अपराधी अगर यह स्वीकार करता हो कि वह फारूक अब्दुल्ला को पिछले दो दशकों से मारने की योजना बना रहा था तो उसे ठंडे दिमाग से किया गया राजनीतिक हमला ही कहा जाएगा. उन्होंने कहा कि यह मानना मुश्किल है कि पिछले 4 दशक से पाकिस्तान समर्थित चरमपंथी संगठनों के निशाने पर रहने के बावजूद अगर कभी चरमपंथी उनके सुरक्षा चक्र में नहीं घुस पाए तो कोई सामान्य अपराधी कैसे उनके इतने क़रीब पहुंच कर उनपर गोली चला सकता है. उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने 370 ख़त्म करने के बाद दावा किया था कि वहाँ आतंकवाद ख़त्म हो गया है. जबकि सच्चाई यह है कि पुलिस और सुरक्षा तंत्र के अमित शाह के नेतृत्व वाले गृहमंत्रालय के अधीन आने के बाद अब ज़ेड सुरक्षा प्राप्त पूर्व मुख्यमंत्री तक पर चरमपंथी हमला करने लगे हैं.

कांग्रेस नेता ने कहा कि भाजपा समर्थित मीडिया का एक हिस्सा हमलावर कमल सिंह जामवाल को नशे में धुत बताकर उसके राजनैतिक और वैचारिक पक्ष को छुपाने की कोशिश कर रहा है. जिससे यह संदेह और पुख्ता होता है कि उसकी नज़दीकी आरएसएस और भाजपा से हो सकती है. इसलिए हमलावर की आरएसएस और उसके आनुवंशिक संगठनों से संबंधों की जाँच होनी चाहिये.

शाहनवाज़ आलम ने कहा कि इस घटना के बाद यह ज़रूरी हो जाता है कि इंडिया गठबंधन के नेताओं की सुरक्षा की समीक्षा नियमित अंतराल पर की जाए.



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