RTI एक्टिविस्ट को नंगा कर मारने के मामले दोषी करार

उत्तराखंड: पूर्व IPS अधिकारी लोकेश्वर सिंह को RTI कार्यकर्ता पर हमले का दोषी ठहराया गया
देहरादून, 13 दिसंबर 2025: उत्तराखंड राज्य पुलिस शिकायत प्राधिकरण ने एक महत्वपूर्ण फैसले में पूर्व IPS अधिकारी लोकेश्वर सिंह को पिथौरागढ़ में RTI कार्यकर्ता लक्ष्मी दत्त जोशी पर हमले, नग्न करके पीटने, अवैध हिरासत और पद के दुरुपयोग का दोषी पाया है। प्राधिकरण ने सिंह के खिलाफ कानूनी और विभागीय कार्रवाई की सिफारिश की है।यह मामला 6 फरवरी 2023 का है, जब पिथौरागढ़ के तत्कालीन एसपी लोकेश्वर सिंह ने RTI कार्यकर्ता और छोटे कपड़ा व्यापारी लक्ष्मी दत्त जोशी को अपने कार्यालय बुलाया था।
जोशी ने शिकायत की थी कि पुलिस क्वार्टर्स के पास सीवरेज ओवरफ्लो और कचरा डंपिंग की समस्या है। इसके अलावा, वे स्थानीय भ्रष्टाचार और नागरिक मुद्दों पर RTI दाखिल करते रहे थे।जोशी के अनुसार, एसपी कार्यालय के एक कमरे में (जहां CCTV नहीं था) सिंह और छह अन्य पुलिसकर्मियों ने उन्हें नग्न करके बुरी तरह पीटा, खाली कागजों पर हस्ताक्षर करवाए और घंटों हिरासत में रखा। बाद में उन्हें पीछे के गेट से धक्का देकर बाहर निकाला गया। जोशी ने मेडिकल रिपोर्ट और एक्स-रे प्रस्तुत किए, जिनमें कई चोटों के निशान दर्ज थे।
लोकेश्वर सिंह ने आरोपों से इनकार किया और शपथ-पत्र में जोशी को आपराधिक प्रवृत्ति का व्यक्ति बताया, जिन पर गुंडा एक्ट, SC/ST एक्ट आदि के कई मामले दर्ज हैं। सिंह का दावा था कि जोशी को केवल एक वाहन आगजनी मामले में पूछताछ के लिए बुलाया गया था और उन्हें परिवार को सौंप दिया गया।
न्यायमूर्ति एनएस धानिक की अध्यक्षता वाली बेंच (सदस्यों में पुष्पक ज्योति, अजय जोशी आदि शामिल) ने वर्ष भर की जांच के बाद जोशी की कहानी और मेडिकल सबूतों को विश्वसनीय माना। सिंह के बयानों में विसंगतियां पाई गईं। प्राधिकरण ने जोशी की नागरिक शिकायतों (सीवरेज समस्या) को भी नगर पालिका रिकॉर्ड से सत्यापित किया।
जोशी पर कोई सजा नहीं हुई है, केवल मामले दर्ज हैं।गौरतलब है कि लोकेश्वर सिंह ने अक्टूबर 2025 में संयुक्त राष्ट्र से संबद्ध अंतरराष्ट्रीय भूमिका के लिए IPS से इस्तीफा दे दिया था। तब वे पौड़ी गढ़वाल के SSP थे। इस्तीफा स्वीकार हो चुका है, लेकिन प्राधिकरण की कार्रवाई सिफारिश अभी लागू हो सकती है।यह मामला भारत में RTI कार्यकर्ताओं पर हमलों की बढ़ती घटनाओं को उजागर करता है, जहां



