संसद में वंदे मातरम पर बहस: मोदी ने की शुरुआत, विपक्ष ने साधा निशाना

नई दिल्ली, 8 दिसंबर 2025: लोकसभा में आज राष्ट्रीय गीत "वंदे मातरम" के 150 वर्ष पूरे होने के अवसर पर विशेष बहस हुई। यह चर्चा लगभग 10 घंटे चली, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुरुआत की। बहस के दौरान सत्ताधारी भाजपा और विपक्षी दलों के बीच तीखी बयानबाजी हुई। भाजपा ने कांग्रेस पर "वंदे मातरम" को विभाजनकारी बनाने का आरोप लगाया, तो विपक्ष ने इसे चुनावी ड्रामा और जनमुद्दों से ध्यान भटकाने का हथकंडा बताया। कांग्रेस की प्रियंका गांधी वाड्रा, गौरव गोगोई और समाजवादी पार्टी के अखिलेश यादव ने पीएम मोदी के भाषण पर सीधा हमला बोला। आइए जानते हैं पूरी खबर विस्तार से।पीएम मोदी ने क्या कहा?
लोकसभा में बहस की शुरुआत करते हुए पीएम मोदी ने "वंदे मातरम" को "देश की आत्मा का महामंत्र" बताते हुए कहा कि यह गीत स्वतंत्रता संग्राम की प्रेरणा था।
उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि नेहरू-गांधी परिवार ने मुस्लिम लीग के दबाव में गीत के कुछ हिस्सों को संविधान से हटाने की कोशिश की, क्योंकि जिन्ना के चश्मे से इसे सांप्रदायिक माना गया। मोदी ने कहा, "कांग्रेस ने वंदे मातरम के टुकड़े कर दिए। मुस्लिम लीग के सामने घुटने टेक दिए।" उन्होंने आपातकाल का जिक्र करते हुए विपक्ष पर तानाशाही का आरोप लगाया और कहा कि यह गीत आजादी की लड़ाई में सबको एकजुट करने वाला था, लेकिन कुछ लोग इसे विवादित बनाने पर तुले हैं।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी कांग्रेस पर हमला बोला, कहा कि जिन्ना के चश्मे से वंदे मातरम सांप्रदायिक लगता है। भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने अखिलेश और कांग्रेस पर तंज कसा, "बड़े मियां तो बड़े मियां, छोटे मियां सुभान-सुबहानअल्लाह...
"प्रियंका गांधी वाड्रा ने क्या कहा?
कांग्रेस सांसद और महासचिव प्रियंका गांधी ने पीएम मोदी के भाषण का सीधा जवाब देते हुए कहा कि "वंदे मातरम" देश के कण-कण में बसा है, इस पर बहस की क्या जरूरत? उन्होंने बहस के दो कारण बताए: पश्चिम बंगाल चुनाव की तैयारी - "अगले साल बंगाल में चुनाव हैं, इसलिए पीएम अपनी भूमिका बना रहे हैं।"
आजादी के नायकों पर आरोप लगाने का मौका - "जिन महापुरुषों ने देश के लिए कुर्बानी दी, उन पर नए-नए आरोप लगाकर जनमुद्दों से ध्यान भटकाना चाहते हैं।"
प्रियंका ने मोदी पर तीखा प्रहार किया:
"सच तो यह है कि नरेंद्र मोदी अब पहले जैसे पीएम नहीं रहे। उनका आत्मविश्वास कम हो रहा है, नीतियां देश को कमजोर कर रही हैं। सत्तापक्ष के साथी इतने घमंडी हो गए हैं कि खुद को महात्मा गांधी, रवींद्रनाथ टैगोर, बाबा साहेब अंबेडकर, मौलाना आजाद, सरदार पटेल और सुभाष चंद्र बोस से बड़ा समझते हैं।" उन्होंने नेहरू-टैगोर के बीच हुए पत्राचार का जिक्र किया, जहां नेहरू ने गीत की कुछ पंक्तियों पर आपत्ति जताई थी ताकि कोई समुदाय आहत न हो। प्रियंका ने कहा, "पीएम भाषण अच्छे देते हैं, लेकिन तथ्यों में कमजोर पड़ जाते हैं।
देश महंगाई, बेरोजगारी और समस्याओं से जूझ रहा है, आप जवाब नहीं दे रहे। आप चुनाव के लिए हैं, हम देश के लिए।" उन्होंने भाजपा पर नेहरू का अपमान करने का आरोप लगाया और कहा, "BJP नेहरू के अपमान की लिस्ट बना ले, फिर सदन में घंटों बहस कर लें।"गौरव गोगोई ने क्या कहा?
कांग्रेस के लोकसभा उपनेता गौरव गोगोई ने मोदी के नेहरू पर हमले का पलटवार किया। उन्होंने कहा, "ये राष्ट्रवादी नहीं, राष्ट्रविवादी लोग हैं, जो हर चीज को हड़पना चाहते हैं। भाजपा के राजनीतिक पूर्वजों (आरएसएस) का आजादी की लड़ाई में कोई योगदान नहीं था।" गोगोई ने दावा किया कि कांग्रेस ने सबसे पहले वंदे मातरम का उद्घोष किया था। उन्होंने नेहरू का बचाव करते हुए कहा, "नेहरू ने स्वीकार किया था कि गीत पर कुछ आपत्तियां सही हैं, ताकि साम्प्रदायिक लोग आहत न हों। लेकिन आप जितनी कोशिश करें, नेहरू के योगदान पर दाग नहीं लगा सकते।" गोगोई ने मोदी पर तंज कसा कि वे सदन में नेहरू का नाम 14 बार और कांग्रेस का 50 बार लेते हैं, लेकिन जनमुद्दों पर चुप रहते हैं। उन्होंने कहा, "क्या हम संसद में इतिहास पढ़ने आए हैं? इससे प्रदूषण कम हो जाएगा?"
अखिलेश यादव ने क्या कहा?
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और सांसद अखिलेश यादव ने गौरव गोगोई के बाद बोलते हुए सत्ता पक्ष पर कसा निशाना। उन्होंने कहा, "वंदे मातरम ने देश को एकजुट किया और आजादी की लड़ाई में जान फूंकी। लेकिन सत्ता पक्ष हमेशा सब कुछ अपना बनाना चाहता है। जो महापुरुष इनके नहीं हैं, उन्हें भी अपनाने की कोशिश करते हैं। इनकी बातों से लगता है कि वंदे मातरम इन्हीं का बनवाया गीत है।" अखिलेश ने भाजपा पर तंज कसा कि वे नेहरू-गांधी पर हमला करते हैं, लेकिन इंडिगो संकट जैसे मुद्दों पर चुप हैं। उन्होंने कहा, "कुछ लोग अंग्रेजों के लिए जासूसी करते थे,"
(यह इशारा भाजपा के पूर्वजों पर)। अखिलेश ने जोर देकर कहा, "ये राष्ट्रवादी नहीं, राष्ट्रविवादी लोग हैं, हर चीज को हड़पना चाहते हैं।"बहस का माहौल और अन्य प्रतिक्रियाएंबहस के दौरान सदन में हंगामा भी हुआ, खासकर जब मोदी ने कांग्रेस पर तुष्टिकरण का आरोप लगाया। विपक्ष ने नारेबाजी की, लेकिन स्पीकर ने बहस जारी रखी। भाजपा ने प्रियंका के बंगाल चुनाव वाले बयान पर पलटवार किया, कहा कि राष्ट्रगीत पर चर्चा गाजा जैसे विदेशी मुद्दों से ज्यादा महत्वपूर्ण है। कांग्रेस ने इसे "मुद्दों से डाइवर्ट करने की चाल" बताया।यह बहस संसद के शीतकालीन सत्र का हिस्सा है, जहां कल (9 दिसंबर) चुनाव सुधारों पर चर्चा होगी। विपक्ष ने मांग की है कि जनमुद्दों जैसे महंगाई, बेरोजगारी और मणिपुर हिंसा पर बहस हो।



