मातृ शोक में डूबा मऊ का सेकसरिया परिवार: मां सरोज सेकसरिया का निधन

मऊ जिले के प्रसिद्ध उद्योगपति सेकसरिया परिवार पर दुख का पहाड़ टूट पड़ा है। परिवार की मातृशक्ति, श्रीमती सरोज सेकसरिया का 82 वर्ष की आयु में 6 सितंबर, 2025 को निधन हो गया। इस दुखद घटना ने न केवल परिवार, बल्कि मऊ के उद्योग जगत और सामाजिक क्षेत्र में शोक की लहर फैला दी। सरोज सेकसरिया अपने सौम्य स्वभाव, परोपकारी दृष्टिकोण और परिवार को एकजुट रखने की ताकत के लिए जानी जाती थीं।
5 सितंबर को अचानक ब्लड प्रेशर कम होने के कारण उन्हें अस्पताल में भर्ती किया गया था, लेकिन अगले ही दिन प्राणवायु छोड़कर वह इस दुनिया से विदा हो गईं। उनके निधन की खबर ने मऊ के सामाजिक और औद्योगिक क्षेत्र में गहरी चोट पहुंचाई। सरोज सेकसरिया के पति, स्वर्गीय राजकुमार सेकसरिया, मऊ के उद्योग जगत में ‘चाणक्य’ के रूप में विख्यात थे। उन्होंने न केवल अपने उद्योगों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया, बल्कि कई अन्य उद्योगपतियों को मऊ में पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। राजकुमार सेकसरिया ने मऊ को औद्योगिक नक्शे पर स्थापित करने में अहम योगदान दिया था।
सेकसरिया परिवार का मऊ के साथ-साथ राजस्थान के प्रसिद्ध श्री मेहंदीपुर बालाजी जी दरबार से भी गहरा नाता रहा है। यह परिवार न केवल व्यापार, बल्कि सामाजिक और धार्मिक क्षेत्रों में भी अपनी सक्रिय भागीदारी के लिए जाना जाता है। सरोज सेकसरिया ने अपने जीवनकाल में परिवार को एकजुट रखते हुए सामाजिक कार्यों में भी योगदान दिया। उनके दो बेटे, सुधीर सेकसरिया और शरद सेकसरिया, मऊ के प्रसिद्ध व्यापारी बंधु हैं, जो अपने पिता की विरासत को आगे बढ़ा रहे हैं।
सरोज सेकसरिया अपने पीछे दो बेटों, बहुओं, बेटी, दामाद और सात वंशजों का बड़ा परिवार छोड़ गईं। उनके निधन से परिवार में अपूरणीय क्षति हुई है। मऊ के उद्योग जगत और सामाजिक संगठनों ने उनके निधन पर गहरी संवेदना व्यक्त की है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सरोज सेकसरिया का व्यक्तित्व प्रेरणादायक था, और उनकी कमी हमेशा खलेगी। मऊ का यह औद्योगिक आस्थान आज अपनी मातृशक्ति के बिछोह में शोकाकुल है।



