अ.भा.खेत व ग्रामीण मजदूर सभा का पहला जिला सम्मेलन संपन्न

1,नवम्बर, मऊ उ प्र खेत मजदूर सभा का पहला जिला सम्मेलन रतनपुरा ब्लॉक के मानिकपुर मे हुआ संपन्न.ओमप्रकाश जिला सचिव व मास्टर रामशबद को जिला अध्यक्ष चुना गया.

जन संस्कृति मंच के प्रदेश अध्यक्ष जयप्रकाश धूमकेतु ने सम्मेलन का उद्घाटन करते हुये कहा कि दुनिया की तीसरी अर्थव्यवस्था के ढीढोरे के बाद भी देश की अस्सी करोड़ आबादी पांच किला राशन के सहारे जीवन गुजर बसर कर रही है, उत्तर प्रदेश की बड़ी आबादी आधुनिक सूदखोरी माइक्रो फाइनेंस कंपनियों के जाल में फंसकर पलायन और आत्महत्या करने को मजबूर है.ग्रामीणों को सहारा देने वाले मनरेगा को कमजोर किया जा रहा है. देश की खेती की जमीनों को भारी पैमाने पर अधिग्रहण कर फोरलेन सिक्स लेने की सड़के बनायी जा रही है. कॉर्पोरेट पुजिपतियों को भी खेती की जमीन दी जा रहे हैं. खेती की जमीनों का विकास के नाम पर अधिग्रहण से आने वाले दिनों में देश में खाद्य उत्पादकों का संकट खड़ा हो जाने का खतरा बढ़ता जा रहा है. सम्मेलन मे आमंत्रित भाकपा माले के जिला सचिव बसंत कुमार ने कहा कि यह सम्मेलन ऐसे दौर में हो रहा हैं जब राजनीति और समाज में बेहद ही उथल -पुथल मची हुई है। हमारे सभी संसाधनों को अडानी अंबनी जैसे अपने चहेते कारपोरेट घरानों को सौंप रही मोदी सरकार ने नागरिकों के जीवन जीविका सहित संवैधानिक और लोकतांत्रिक अधिकारों पर चौतरफा हमला बोल दिया है। और हिंदू राष्ट्र बनाने के नाम पर समाज को सांप्रदायिक नफरत के आधार पर बांटने की कोशिश की है। हमने देखा था कि कैसे सभी उद्योगों सार्वजनिक संपत्तियों को अपने चहेते कॉर्पोरेट घरानों को पहले ही दे चुकी मोदी सरकार ने तीन कृषि कानून के बहाने हमारी खेती को भी अडानी-अंबानी जैसे पूंजीपतियों को दे देने की साजिश की थी। आज एक बार फिर किसान न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) के कानूनी अधिकार के लिए संघर्षरत है।निजीकरण के चलते नौकरियों से बड़े पैमाने पर छटनी हुई है खाली पड़े सरकारी पदों पर भरती लगभग बंद है। सरकार आशा, आंगनबाड़ी,रसोईया शिक्षामित्र आदि को ना तो राज्य कर्मचारी मानने को तैयार है और नहीं सम्मानजनक वेतन देने को। ग्रामीण गरीबों व छोटे मध्य गरीब किसानों की हालत और भी बदतर है। मनरेगा में काम लगभग बंद है और बाहर भी काम नहीं मिल रहा है। बढ़ती कृषि लागत और कौड़ियों के दाम बिकते कृषि उत्पादों के कारण खेती घाटे का कारोबार बन गई है। ग्रामीण गरीबों व किसान निजी फाइनेंस कंपनियों के जाल में फंसकर आत्महत्या की ओर बढ़ रहे हैं। सम्मेलन की शुरुआत कामरेड सुभाष मुखर्जी की मूर्ति पर माल्यार्पण और झंडा रोहन से हुआ, झंडा रोहन क्षेत्र के सम्मानित सबसे वरिष्ठ नागरिक काम.सुखन मास्टर ने किया।लोक गीत गायक शिबचन जी ने अपनी गीतों से सम्मेलन को जोश मे भर दिया. सम्मेलन को शुभकामना संदेश देने वालों मे इंकलाबी मजदूर केंद्र के रामजी सिंह,सामाजिक कार्यकर्त्ता अरविन्द मूर्ति, राघवेद्र जी, उ प्र किसान सभा के प्रदेश लीडर का. वीरेंद्र कुमार, उ प्र किसान सभा के पूर्व जिलाध्यक्ष शेर मोहम्मद,कताई मिल मजदूर पेंशनर संघ के नेता श्रीराम सिंह, मानिकपुर ग्रामसभा के ग्रामप्रधान देवेंद्र चौहान, अ भा किसान महासभा के जिला संयोजक रामनवल सिंह, शामिल रहे. सम्मेलन मे प्रमुख रूप से कल्पनाथ, चंद्रदेव राम,शिवमूरत गुप्ता, फतेहबहादुर यादव, शिला, रामशरीख,महेंद्र राजभर, पुष्पा,धंनौती, मीना, फुला, रम्भा, पूनम, पूजा, रमाकांत, शत्रुघ्न, दीनानाथ कुशवाहा, परशुराम,रामबली राजभर,साधु यादव, दुर्गविजय राजभर, फेकू राजभर, रामप्रसाद राजभर उपस्थित रहे.



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