मृतक के शव को रेत में दबाकर अंधविश्वास के चलते जिंदा करने का किया प्रयास, करंट लगने से हुई थी मौत,वीडियो वायरल।

सहारनपुर के थाना गंगोह क्षेत्र के गांव सांगाठेड़ा में एक दर्दनाक और चौंकाने वाली घटना सामने आई, जहां खेत में करंट लगने से 24 वर्षीय सरवर अली बुधवार को मौत हो गई। सरवर खेत में सिंचाई के लिए नलकूप का स्टार्टर चालू करने गया था, तभी करंट की चपेट में आ गया। काफी देर तक पानी न चलने पर जब उसके चाचा आमिल खेत पर पहुंचे, तो उन्होंने उसे बेहोश पाया और आनन-फानन में अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
सरवर अपने माता-पिता का इकलौता बेटा और तीन बहनों का बड़ा भाई था, उसकी शादी चार साल पहले हुई थी और उसके दो छोटे बच्चे भी हैं। अस्पताल से शव घर लाया गया, लेकिन परिजनों ने सरवर के मरने की हकीकत को मानने से इनकार कर दिया। किसी ग्रामीण के कहने पर अंधविश्वासवश उन्होंने शव को घर के आंगन में रेत में दबा दिया और केवल मुंह बाहर निकाला। करीब आधे घंटे तक सभी लोग सांसें थामे बैठे रहे, उम्मीद थी कि शायद कोई हलचल हो, लेकिन जब ऐसा कुछ नहीं हुआ तो परिजनों ने शव को दफनाने की तैयारी कर दी।
इस घटना से पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की घटनाएं अंधविश्वास का प्रतीक हैं और चिकित्सा विज्ञान के दृष्टिकोण से रेत में शव को दबाना नुकसानदेह हो सकता है। अगर किसी को करंट लगने के बाद तुरंत CPR और सही इलाज मिले, तो उसकी जान बच सकती है, लेकिन रेत में दबाने से ऑक्सीजन की कमी होने के कारण स्थिति और भी खराब हो सकती है। यह घटना एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करती है कि आज भी कई ग्रामीण इलाकों में वैज्ञानिक समझ और जागरूकता की भारी कमी है। अफसोस की बात है कि तकनीक और चिकित्सा के इस युग में भी लोग अंधविश्वास के भरोसे अपनों को खो बैठते हैं। सरकार और स्वास्थ्य विभाग को चाहिए कि वे ऐसे क्षेत्रों में जागरूकता फैलाएं ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।



